कोरबा |
मुख्य बिंदु:
सैकड़ों पेड़-पौधे और जीव-जंतु आग की चपेट में आए।
किसी असामाजिक तत्व द्वारा आग लगाए जाने की आशंका।
वन कर्मियों ने ब्लोवर मशीन और स्थानीय लोगों की मदद से बुझाई आग।
तेजी से फैली लपटें, आसमान में छाया धुआं
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला अंतर्गत रिसदी स्थित वन विभाग की प्रसिद्ध पक्षी नर्सरी में गुरुवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां भीषण आग लग गई। चिलचिलाती धूप और सूखी पत्तियों के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और कई एकड़ में फैल गई। काले धुएं का गुबार दूर से ही देखा जा सकता था, जिसे देख बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।
तीन घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय ग्रामीण हरकत में आए। वन विभाग के कर्मचारियों ने ब्लोवर मशीन का उपयोग कर आग की दिशा मोड़ने और उसे बुझाने का प्रयास किया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक नर्सरी का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
जीव-जंतुओं और वनस्पतियों को भारी नुकसान
बता दें कि रिसदी की यह नर्सरी जैव-विविधता से समृद्ध है। यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के अलावा सांप और बिच्छू जैसे जीव निवास करते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
“आग इतनी तेज थी कि कई छोटे पौधों को संभलने का मौका नहीं मिला। इस घटना में न केवल कीमती वनस्पतियां नष्ट हुई हैं, बल्कि वहां रहने वाले बेजुबान जीव-जंतुओं पर भी गहरा संकट खड़ा हो गया है।”
जांच में जुटा विभाग
शुरुआती जानकारी के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर नर्सरी में आग लगाई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और घटना की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है ताकि दोषियों का पता लगाया जा सके।

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