कोरबा | छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कहा जाने वाला कोरबा जिला इन दिनों अपराध का गढ़ बनता जा रहा है। हत्या, लूट और डकैती जैसी संगीन वारदातों में अचानक आई बाढ़ से आम जनता दहशत के साए में जीने को मजबूर है। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘सजग कोरबा-सतर्क कोरबा’ अभियान के दावों के विपरीत अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और उनमें कानून का कोई डर नजर नहीं आ रहा है। चाकूबाजी और फायरिंग अब शहर के लिए आम बात हो चुकी है।
📌 खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- छुरी में ज्वेलरी शॉप पर डाका: बुधवार को कटघोरा थाना अंतर्गत छुरी में तीन बेखौफ बदमाशों ने कट्टा और चाकू की नोक पर एक ज्वेलरी दुकान में बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
- दिनदहाड़े मर्डर: इससे ठीक पहले सोमवार को सिटी कोतवाली क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात से शहर सहमा हुआ था।
- बालको में डीजल डकैती: सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात बालको पार्किंग एरिया में स्कॉर्पियो से आए 6 बदमाशों ने कट्टा दिखाकर कई मालवाहक वाहनों से डीजल लूट लिया।
- ASI के पुत्र की हत्या और पत्रकार का अपहरण: कुछ दिनों पहले बायपास रोड पर एएसआई (ASI) के पुत्र पर बोलेरो चढ़ाकर हत्या की गई, और पीछा करने वाले मीडिया कर्मी का अपहरण कर जानलेवा हमला किया गया।
पूरी रिपोर्ट: जब रक्षक के तंत्र पर भारी पड़े भक्षक
9 वर्ष पुरानी वारदात की यादें हुईं ताजा
छुरी में हुई ज्वेलरी शॉप की लूट ने शहरवासियों को 9 वर्ष पहले पावर हाउस रोड स्थित ‘सुनालिया ज्वेलर्स’ में हुई सशस्त्र लूट के प्रयास की याद दिला दी। तब भी बदमाश ग्राहक बनकर आए थे और पुलिस के पहुंचने पर फायरिंग करते हुए भागे थे। इसके अलावा, 1 जनवरी 2025 को भी न्यू बस स्टैंड के पास ‘अमृता ज्वेलर्स’ के संचालक गोपाल राय सोनी की हत्या कर लूट की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया था।
हथियारों की सप्लाई पर पुलिस का सूचना तंत्र फेल!
जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं का सबसे गंभीर और डरावना पहलू यह है कि अब लगभग हर वारदात में कट्टा (अवैध कट्टा) और घातक हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। कोरबा जैसे शांत जिले में इतने बड़े पैमाने पर अवैध हथियार कहां से आ रहे हैं? हथियारों का मुख्य सप्लायर कौन है? इन सवालों पर पुलिस का खुफिया और सूचना तंत्र पूरी तरह फेल साबित हो रहा है।
जनता का दर्द: “अब कोरबा की आवाम में यह खौफ बैठ गया है कि कब, कहां और किस पर गोली चल जाए या चाकू से हमला हो जाए। नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की बढ़ती सक्रियता ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है।”
पुलिसिया कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
हाल ही में मीडिया कर्मी पर हुए हमले और एएसआई के पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस महज एक आरोपी को पकड़ने का दावा कर रही है, जबकि मुख्य व अन्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गंभीर वारदातों के बाद भी पुलिस की सुस्त कार्रवाई अपराधियों के हौसले और बुलंद कर रही है।

7974214821


