कोरबा (छत्तीसगढ़): कोल इंडिया की टॉप 35 खदानों की नवीनतम सूची में कोरबा जिले की तीनों मेगा परियोजनाओं (गेवरा, दीपका और कुसमुंडा) ने पहले तीन स्थानों पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक हुए सर्वाधिक कोयला उत्पादन के बूते ये खदानें देश में अग्रणी बनी हुई हैं।
📌 मुख्य बिंदु (Highlights)
गेवरा एरिया: 10.12 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में पहले स्थान पर।
दीपका मेगा परियोजना: लक्ष्य से अधिक (9.9 मिलियन टन) उत्पादन कर दूसरे स्थान पर।
कुसमुंडा परियोजना: 8.42 मिलियन टन कोयला उत्पादन के साथ तीसरे स्थान पर।
टॉप 35 में हिस्सेदारी: कुल 35 खदानों में से 27 खदानें केवल तीन कंपनियों (MCL, NCL, SECL) के पास हैं।
📄 विस्तृत समाचार
कोरबा। कोयला उत्पादन के आधार पर कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) द्वारा अपनी अनुषंगी कंपनियों की टॉप 35 खदानों की सूची जारी की गई है। इस सूची में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कोरबा स्थित तीनों मेगा परियोजनाएं शीर्ष पर हैं।
27 जून तक की उत्पादन स्थिति:
- गेवरा खदान: इस खदान ने चालू वित्तीय वर्ष में 27 जून तक रिकॉर्ड 10.12 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया है, जिससे यह सूची में शीर्ष पर है।
- दीपका खदान: दीपका ने अपने तय लक्ष्य को पीछे छोड़ दिया है। 27 जून तक का लक्ष्य 9.85 मिलियन टन था, जिसके मुकाबले खदान से 9.9 मिलियन टन उत्पादन किया जा चुका है।
- कुसमुंडा खदान: 8.42 मिलियन टन उत्पादन के साथ यह देश में तीसरे पायदान पर है।
इस सूची में चौथे स्थान पर MCL की एलबीएल इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट और पांचवें स्थान पर NCL की जयंत ओपन कास्ट माइन है। गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुकाबले इस बार कई अन्य खदानें खराब प्रदर्शन के कारण टॉप 35 की लिस्ट से बाहर हो गई हैं, लेकिन कोरबा की खदानों का दबदबा कायम है।
📊 कंपनियों के पास टॉप खदानों का गणित
देश की टॉप 3 कोयला कंपनियों (MCL, NCL और SECL) के पास ही टॉप 35 में से 27 खदानें मौजूद हैं:
कंपनी का नाम टॉप 35 में खदानों की संख्या
- MCL (महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड)–12
- NCL (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड)–08
- SECL (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड)–07
📦 बॉक्स न्यूज़: SECL ने अब तक किया 42.66 मिलियन टन उत्पादन, बारिश की चुनौती आगे
वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले तीन महीनों (अप्रैल, मई और जून) में SECL का प्रदर्शन बेहतर रहा है। कंपनी को इस साल 195 मिलियन टन सालाना उत्पादन का लक्ष्य मिला है।
मौजूदा स्थिति: 27 जून तक के निर्धारित 47.96 मिलियन टन के लक्ष्य के मुकाबले SECL ने 42.66 मिलियन टन (लक्ष्य का 88.94%) उत्पादन पूरा कर लिया है। हालांकि, आगामी दिनों में शुरू होने वाले मानसून के कारण खदानों में उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित होने की आशंका है, जिससे इस रफ्तार को बनाए रखना प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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