कोरबा।छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साइबर सेल की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने ठगी करने का यह तरीका किसी और से नहीं, बल्कि YouTube (यू ट्यूब) से वीडियो देखकर सीखा था। पुलिस ने आरोपी के पास से नगद 27,70 रूपए बरामद किए हैं और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
फर्जी सिम का जाल और सबूत मिटाने की साजिश
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था। वह सीधे साधे लोगों को अपने प्रभाव में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवा लेता था। इसके बाद, वह इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल लोगों को लोन का लालच देकर फंसाने के लिए करता था। जैसे ही ठगी की रकम उसके हाथ लग जाती, वह सबूत मिटाने की नीयत से उस सिम कार्ड को तुरंत नष्ट (तोड़) देता था।
₹5 लाख के लोन का झांसा देकर ऐंठे ₹40 हजार
यह पूरा मामला बालको थाना क्षेत्र के रूमगरा का है, जहां की निवासी नोनी बाई यादव इस ठगी का शिकार हुईं। आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम की सिम से नोनी बाई को फोन किया और उसे 11 हजार रुपये प्रति माह की किस्त पर 5 लाख रुपये का लोन दिलाने का भरोसा जीता।
लोन की प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई के नाम पर आरोपी ने नोनी बाई से फोन पे (PhonePe) के जरिए एक अन्य व्यक्ति के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। रकम ट्रांसफर होते ही आरोपी उस व्यक्ति के साथ बैंक पहुंचा और पैसे निकालकर रफूचक्कर हो गया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस कप्तान के निर्देश पर ऐसे दबोचा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान (SP) सिद्धार्थ तिवारी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए। एएसपी लखन पटले व सीएसपी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन और ललित चंद्रा के नेतृत्व में साइबर सेल की टीम ने टेक्निकल इनपुट्स के आधार पर जांच शुरू की।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके बाद मूलतः ग्राम सेमरा (थाना डभरा, जिला सक्ती) और वर्तमान में रिसदी (कोरबा) में रह रहे पुष्पेंद्र कुमार मेहर (उम्र 25 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
इन पुलिस अधिकारियों की रही सराहनीय भूमिका
इस कामयाब कार्रवाई में उपनिरीक्षक (उनि) अजय सोनवानी के साथ प्रधान आरक्षक गुनाराम सिंहा, आरक्षक डोमन ओग्रे, वीकेश्वर प्रताप सिंह, आलोक टोप्पो, सुशील यादव, श्याम सिदार, संजू सिंह और महिला आरक्षक रेणु टोप्पो की मुख्य व सराहनीय भूमिका रही।

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