कोरबा। वनमंडल कोरबा के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र लेमरू के ग्राम लेमरू और कुटुरूवा में वन विभाग ने एक बड़ा मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया है। मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर की गई इस छापामार कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध लकड़ी चिरान का जखीरा बरामद किया गया है। जब्त की गई लकड़ी की अनुमानित कीमत ₹5 लाख से अधिक आंकी जा रही है।
🛑 शीर्ष अधिकारियों के निर्देशन में चला मेगा ऑपरेशन
तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए यह पूरी कार्रवाई वनमंडल अधिकारी प्रेमलता यादव, उप वन मंडलाधिकारी रामसिंह राठिया (उत्तर कोरबा) और सूर्यकांत सोनी (दक्षिण कोरबा) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई।
कार्रवाई में शामिल जमीनी टीम:
- क्षेत्रीय अधिकारी: देवव्रत सिन्हा (वन परिक्षेत्र अधिकारी लेमरू), जयंत सरकार (बालको), देवदत्त खांडे (पसरखेत), और विक्रांत सिंह कंवर (कुदमुरा)।
- क्रियान्वयन टीम: श्रवण कुमार गायकी (परिक्षेत्र सहायक लेमरू) और रामेश्वर सिंह सिदार (परिक्षेत्र सहायक बड़गांव)।
🔍 5 घरों में दी दबिश, इन ग्रामीणों के घर से बरामद हुआ जखीरा
वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दल-बल के साथ लेमरू और कुटुरूवा के 5 संदिग्ध घरों में एक साथ दबिश दी। तलाशी के दौरान बीजा, साल और अन्य मूल्यवान प्रजातियों के चिरान बरामद किए गए:
नाम व निवासी, जब्त वनोपज की मात्रा, प्रजाति
- दिनेश कुमार तंवर (पिता कन्हाई तंवर, लेमरू)2 नग (0.122 घन मीटर)साल चिरान
- सुरेश कुमार सिंह (पिता टमपाल सिंह तंवर, लेमरू)68 नग (1.272 घन मीटर)
- 2 नग (0.123 घन मीटर)साल प्रजाति,
- शिशु पाल (पिता गणेशराम देवांगन, कुटुरूवा)3 नग (0.042 घन मीटर) कलमी प्रजाति
- 231 नग (3.975 घन मीटर)बीजा प्रजाति , साल प्रजाति
कुल जब्ती का आंकड़ा:
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 306 नग चिरान जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल मात्रा 5.534 घन मीटर है। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
👮 बिना विवाद के शांतिपूर्ण ढंग से निपटा ऑपरेशन
इस संवेदनशील कार्रवाई को बिना किसी विवाद के बेहद शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। ऑपरेशन में लेमरू पुलिस बल के साथ-साथ लेमरू, बालको और पसरखेत वन परिक्षेत्र के लगभग 30 अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। वन विभाग ने सभी जब्त लकड़ियों को कब्जे में लेकर वन अधिनियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
👥 ग्रामीणों ने की सराहना, माफियाओं में खौफ
इस मेगा सर्च ऑपरेशन में स्थानीय वन प्रबंधन समिति लेमरू और जनप्रतिनिधियों का भी भरपूर सहयोग मिला। जहां एक तरफ इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी है और वे वन विभाग की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लकड़ी माफियाओं और तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।

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