कोरबा। जिले में गंभीर अपराधों की गुत्थी सुलझाने और अपराधियों को कानून के शिकंजे में कसने के लिए कोरबा पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। जिले में अपराध अनुसंधान (Crime Investigation) को एक नई और वैज्ञानिक दिशा देने के लिए कोरबा को एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वैन (Mobile Forensic Science Laboratory Van) मिली है।
सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कोरबा समेत प्रदेश के सभी जिलों के लिए इन नई मोबाइल फॉरेंसिक वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
खत्म होगा महीनों का इंतजार, मौके पर ही होगी जांच
अब तक कोरबा जिले की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जिला स्तर पर कोई फॉरेंसिक प्रयोगशाला नहीं थी। किसी भी वारदात के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर उन्हें सुरक्षित रखना पड़ता था और फिर जांच के लिए रायपुर स्थित राज्य स्तरीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाता था।
बड़ी राहत: रायपुर से रिपोर्ट आने में 3-4 दिनों के बजाए महीनों का समय लग जाता था, जिससे पुलिस की विवेचना (Investigation) बुरी तरह प्रभावित होती थी। लेकिन अब इस नई वैन के आने से यह लेटलतीफी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
कैस काम करेगी यह हाईटेक वैन?
अब हत्या, डकैती या संदिग्ध मौत समेत किसी भी अन्य गंभीर अपराध की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम इस अत्याधुनिक वैन के साथ सीधे वारदात वाली जगह पर पहुंचेगी। इस वैन की मदद से पुलिस को निम्नलिखित फायदे मिलेंगे:
- तत्काल प्रारंभिक जांच: घटनास्थल पर ही साक्ष्यों की शुरुआती जांच संभव होगी।
- साक्ष्य संरक्षण: अब साक्ष्यों के दूषित (Contaminate) होने का खतरा नहीं रहेगा, उन्हें वैन में ही तुरंत सुरक्षित कर लिया जाएगा।
- डिजिटल दस्तावेजीकरण: मौके पर ही साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर लिया जाएगा।
- त्वरित कार्रवाई: जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा, जिससे अपराधियों को पकड़ने में पुलिस को देरी नहीं होगी।
इस नई व्यवस्था से जहां एक तरफ पुलिस की कार्यप्रणाली और मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ पीड़ितों को भी जल्द न्याय मिल सकेगा।

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