कोरबा | एनटीपीसी लिमिटेड के प्रमुख तापीय विद्युत संयंत्र, एनटीपीसी कोरबा ने उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। संयंत्र प्रबंधन का विजन इसे न केवल ऊर्जा उत्पादन में, बल्कि नवाचार और दक्षता में भी देश का सर्वश्रेष्ठ पावर स्टेशन बनाना है।
सोमवार को कोरबा प्रेस क्लब के ‘तिलक भवन’ में आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम के दौरान एनटीपीसी कोरबा के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) किशोर चंद्र पात्रा ने संयंत्र की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप को साझा किया।
उत्पादन में अव्वल: लगातार छठे वर्ष पीएलएफ में प्रथम
CGM पात्रा ने बताया कि 2600 मेगावाट की क्षमता वाला यह संयंत्र छत्तीसगढ़ सहित महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों को निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा है।
रिकॉर्ड पीएलएफ: वित्तीय वर्ष 2025-26 में एनटीपीसी कोरबा ने लगातार छठे वर्ष प्लांट लोड फैक्टर (PLF) में एनटीपीसी के भीतर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा: 2000 मेगावाट से अधिक क्षमता वाले देश के सभी बिजलीघरों में भी यह शीर्ष पर रहा।
लागत दक्षता: ऊर्जा शुल्क दर (ECR) में संयंत्र ने देश भर में तीसरा स्थान हासिल कर अपनी कार्यकुशलता साबित की है।
निरंतर संचालन: यूनिट-7 ने 455 दिन और यूनिट-1 ने 400 दिनों से अधिक लगातार बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है।
पर्यावरण संरक्षण: राख प्रबंधन और हरित आवरण में मिसाल
एनटीपीसी कोरबा ने औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण के संतुलन का एक आदर्श मॉडल पेश किया है:
- ग्रीन कवर: संयंत्र के कुल क्षेत्रफल के 33% हिस्से में हरियाली विकसित की गई है। अब तक 30 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनकी जीवित रहने की दर 95% है।
- राख प्रबंधन: वर्ष 2024-25 में 119% और फरवरी 2026 तक 110% फ्लाई ऐश का उपयोग सुनिश्चित किया गया।
- पीएम का विजन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित फ्लाई ऐश लाइम जिप्सम प्लांट औद्योगिक कचरे के सही उपयोग का बेहतरीन उदाहरण बना है।
(CSR) से बदली क्षेत्र की सूरत
संयंत्र ने अपने सामाजिक दायित्वों के माध्यम से हज़ारों परिवारों के जीवन में बदलाव लाया है:
- स्वास्थ्य: मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों से 25 हजार से अधिक ग्रामीण लाभान्वित।
- कौशल विकास: 110 युवाओं को इंजेक्शन मोल्डिंग और 50 को CNC मशीन ऑपरेटर का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया।
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों के जरिए 35 से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं।
‘गर्ल एम्पावरमेंट मिशन’ और खेल प्रतिभाएं
- शिक्षा: मिशन के तहत 36 गांवों के 41 स्कूलों की 576 बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन कौशल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
- खेल: एनटीपीसी के सहयोग से किरण पिस्दा, हर्षित ठाकुर, श्रुति यादव और आकर्षि कश्यप जैसे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है।

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