चांपा, छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ माटी की सच्ची पुत्री और विश्व विख्यात पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण स्वर्गीया तीजन बाई जी के दुःखद निधन पर ‘बीटीएस फिल्म प्रोडक्शन’ चांपा द्वारा श्री कृष्ण गौशाला परिसर में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित कलाकारों और जनमानस ने स्वर्गीया तीजन बाई के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभा के अंत में सभी उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कला जगत के दिग्गजों ने साझा किए संस्मरण:
श्रद्धांजलि सभा में क्षेत्र के वरिष्ठ साहित्यकारों, कलाकारों और प्रबुद्ध जनों ने तीजन बाई जी के व्यक्तित्व और कला साधना को याद किया:
- डॉ. रमाकांत सोनी (वरिष्ठ साहित्यकार): “स्वर्गीया तीजन बाई महाभारत की कापालिक विधा पर पंडवानी का अद्भुत प्रदर्शन करने वाली मां सरस्वती की सच्ची पुत्री थीं।”
- गिरधारी यादव (फिल्म लेखक व रचनात्मक निर्देशक): “प्रतिभा किसी भी परिस्थिति में हो, वह अपनी मेहनत से मुकाम हासिल कर ही लेती है। तीजन बाई का जीवन अत्यंत कठिनाई और संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उनकी कला साधना विश्व स्तर पर कला साधकों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।”
- अखिलेश कोमल पांडे (संस्थापक, बीटीएस फिल्म प्रोडक्शन): “तीजन बाई जी छत्तीसगढ़ की माटी की सच्ची सौंधी खुशबू थीं। छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली इस महान लोक गायिका का स्वरूप सदैव जनमानस के मस्तिष्क पटल पर विराजमान रहेगा।”
- शशि भूषण सोनी (साहित्यकार एवं पत्रकार): “वे विलक्षण प्रतिभा की धनी थीं। उनकी हर एक प्रस्तुति इतनी जीवंत होती थी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो जाते थे।”
- अनंत थवाईत (साहित्यकार एवं स्वतंत्र पत्रकार): “पद्मविभूषण तीजन बाई का नाम छत्तीसगढ़ से निकलकर विश्व स्तर पर मशहूर हुआ, यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।”
- डॉ. रविंद्र द्विवेदी (साहित्यकार एवं शिक्षाविद्): “छत्तीसगढ़ की स्वर साम्रज्ञी तीजन बाई की लोककला शैली किसी भी कहानी को जीवंत करने के लिए सराही जाती थी। महाभारत काव्य का लोक गाथा वर्णन उनकी सबसे बड़ी खासियत थी।”
- महावीर सोनी (अधिवक्ता एवं साहित्यकार): उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, “चांपा की धरती पर महान महिला विभूति तीजन बाई जी का कार्यक्रम आज भी स्मरणीय है। उनका नाम कला जगत के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है।”
श्रद्धांजलि सभा में ये रहे उपस्थित:
इस शोक सभा में कला और साहित्य जगत की अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं, जिनमें मुख्य रूप से:
डॉ. रमाकांत सोनी, गिरधारी यादव, अखिलेश कोमल पांडे, अनंत थवाईत, शशि भूषण सोनी, डॉ. रविंद्र द्विवेदी, महावीर सोनी, दिलीप नामदेव, कुश सोनी, गोविंद चाँवरिया, सुनील कर्ष, आदर्श पांडे, देवव्रत देवांगन, प्रदीप यादव, विकास सोनी, कमल सागर, अनूप मसीह, संजू दादा, राज सिंह राजपूत एवं प्रकाश देवांगन सहित भारी संख्या में कलाप्रेमी उपस्थित थे।

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