कोरबा। भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए आम नागरिकों और राहगीरों को बड़ी राहत देने के लिए एक सराहनीय पहल की गई है। बुधवार को नगर पालिक निगम कोरबा एवं द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट के संयुक्त सौजन्य से ‘मानव सेवा जल केंद्र’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस जल केंद्र का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि महापौर संजू देवी राजपूत ने फीता काटकर किया।

“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” — महापौर
उद्घाटन के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा:
“मानव सेवा ही संसार का सबसे बड़ा धर्म है। इस तपती और कड़कड़ाती गर्मी में प्यासे को शीतल जल उपलब्ध कराना अत्यंत पुण्य का कार्य है। नगर निगम हमेशा ऐसी सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देता रहा है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।”
महापौर ने द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट के इस सेवा भाव की जमकर प्रशंसा की और शहर की अन्य सामाजिक संस्थाओं से भी इस तरह के पुनीत कार्यों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
मुख्य मार्ग पर कोर्ट परिसर के सामने दी जाएगी सेवा
द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंदों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस जल केंद्र को शहर के व्यस्ततम मुख्य मार्ग यानी कोर्ट परिसर के सामने स्थापित किया गया है।
जल केंद्र की मुख्य विशेषताएं:
- निशुल्क सेवा: यहाँ आने वाले हर नागरिक को शुद्ध और ठंडा पेयजल पूरी तरह निशुल्क मिलेगा।
- सुलभ व्यवस्था: मुख्य मार्ग पर होने के कारण अधिक से अधिक कामकाजी लोगों और राहगीरों को इसका लाभ मिल सकेगा।
- संचालन: इस केंद्र की पूरी देखरेख और सुचारू संचालन द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट के समर्पित कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाएगा।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस गरिमामयी सेवा कार्य के शुभारंभ के अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- आशुतोष पांडे (आयुक्त, नगर निगम)
- चंद्रलोक सिंह (वार्ड पार्षद)
- नरेन्द्र देवांगन, तरुण राठौर, दीपनारायण सोनी, श्रीजीत नायर
- प्रीतम जायसवाल, रेणु जायसवाल (सदस्य, द्वारिका नगरी सामाजिक विकास ट्रस्ट)
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों और आम नागरिकों को शीतल जल पिलाकर इस सेवा कार्य की विधिवत शुरुआत की गई। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और ट्रस्ट की इस साझी पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया है।

7974214821


