कोरबा (छत्तीसगढ़): कोरबा के सीतामणी इलाके में आज प्रशासन द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही अफवाहों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। दरअसल, शहर में यह चर्चा तेजी से फैल रही थी कि भाजपा नेता शिवबालक सिंह तोमर पर हमला करने वाले आरोपी जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली के मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है। लेकिन प्रशासनिक जांच और वास्तविक दस्तावेजों में यह बात साफ हो गई है कि ढहाया गया अवैध निर्माण रज्जाक अली का नहीं, बल्कि गेंद राम नाम के व्यक्ति का था।
वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सीतामणी क्षेत्र में नियमों के विपरीत जाकर किए गए निर्माणों की जांच की जा रही थी। इस जांच के दौरान गेंद राम का निर्माण पूरी तरह अवैध और अतिक्रमण की जद में पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने तय वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस अवैध ढांचे को ध्वस्त करने का फैसला लिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस बल रहा तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे और पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया गया।
क्यों उड़ी रज्जाक अली के नाम की अफवाह?
चूंकि बीते दिनों भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष पर जानलेवा हमले के मामले में रज्जाक अली की गिरफ्तारी हुई थी, इसलिए इस बुलडोजर एक्शन को लोग जल्दबाजी में उस घटनाक्रम से जोड़कर देखने लगे। पूरे शहर और सोशल मीडिया पर यह चर्चा बनी रही कि यह कार्रवाई रज्जाक अली के खिलाफ हुई है, जो कि पूरी तरह भ्रामक साबित हुई।
प्रशासन की दोटूक: प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह रूटीन वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा था। अवैध निर्माण और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

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