कोरबा | मानसून के दौरान कोयला उत्पादन और डिस्पैच की गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहें, इसे लेकर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में एसईसीएल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी लगातार खदानों का जमीनी जायजा ले रहे हैं।
कुसमुंडा मेगा प्रोजेक्ट का दौरा करने के बाद, एसईसीएल के डायरेक्टर (टेक्निकल/प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग) रमेश चंद्र महापात्रा ने देर शाम कोरबा एरिया के मानिकपुर ओपनकास्ट माइन का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप कोयला उत्पादन और सुरक्षित डिस्पैच सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
📌 खदान की गतिविधियों और संसाधनों की समीक्षा
दौरे के दौरान डायरेक्टर टेक्निकल ने मानिकपुर ओपन कास्ट माइन में चल रहे माइनिंग कार्यों को बारीकी से देखा। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर समीक्षा की:
- माइन फेस और डंपिंग साइट्स: कोयला उत्पादन और ओवरबर्डन (OB) हटाने के काम की प्रगति जांची।
- मशीनों का उपयोग: खदान में तैनात हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी (HEMM) की कार्यक्षमता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया।
- उत्पादकता: मानसून में भी उत्पादन की रफ्तार को बरकरार रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
🚂 फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी और रैपिड लोडिंग पर खास ध्यान
श्री महापात्रा ने कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) और साइलो सुविधाओं का भी दौरा किया। उन्होंने कोयला परिवहन चेन को मजबूत करने के लिए:
- फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (FMC): इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए कोयले की सुचारू और तेजी से निकासी की समीक्षा की।
- रैपिड लोडिंग सिस्टम: सिस्टम की विश्वसनीयता, डिस्पैच परफॉर्मेंस और काम की दक्षता का आकलन किया ताकि उपभोक्ताओं तक कोयला बिना देरी के पहुंचे।
“मानसून के मौसम में सुरक्षा मानकों से बिना समझौता किए, कोयला उत्पादन और डिस्पैच की निरंतरता बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”– रमेश चंद्र महापात्रा, डायरेक्टर (टेक्निकल), SECL
👥 वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान कोरबा एरिया के तमाम वरिष्ठ अधिकारी डायरेक्टर टेक्निकल के साथ मुस्तैद रहे। अधिकारियों ने खदान के परिचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं और वर्तमान में चल रहे सुधार कार्यों व पहलों की विस्तृत जानकारी डायरेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की।

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