कोरबा / बिलासपुर: अवैध कोयला खनन और चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एक बड़ा कदम उठाया है। SECL मुख्यालय स्थित प्रबंधन विकास संस्थान (MDI) में मंगलवार से अधिकारियों के लिए चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को खनिज एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR एक्ट) की बारीकियों से रूबरू कराना और उनकी कानूनन कार्रवाई करने की क्षमता को मजबूत करना है।
सीधे कोर्ट में दर्ज करा सकेंगे केस, बढ़ेगी कानूनी ताकत
इस कार्यक्रम का शुभारंभ SECL के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने किया। भारत सरकार के राजपत्र (Gazette) की अधिसूचना के अनुसार, अब SECL, CISF, TSR और मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा बल औद्योगिक (SISF) के अधिकारियों को MMDR अधिनियम की धारा 22, 23बी और 24 के तहत सीधी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है।
बड़ा बदलाव: इस नए प्रावधान के तहत अधिकृत अधिकारी अब पुलिस प्रक्रिया के लंबे इंतजार के बिना, अवैध कोयला खनन और चोरी के मामलों में सीधे न्यायालय (कोर्ट) में परिवाद (Complaint) प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे मामलों का निपटारा बेहद तेजी से और प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
झारखंड के पूर्व IG विपुल शुक्ला दे रहे हैं ट्रेनिंग
अधिकारियों को कानूनी दांव-पेंच सिखाने के लिए झारखंड पुलिस के पूर्व महानिरीक्षक (IG) विपुल शुक्ला को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। वर्तमान में वे BCCL में वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ट्रेनिंग के मुख्य बिंदु:
- MMDR अधिनियम के कड़े कानूनी प्रावधान।
- अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर कानूनी शिकंजा कसना।
- पुख्ता जांच प्रक्रिया और ठोस साक्ष्य (Evidence) जुटाना।
- कोर्ट के लिए एक मजबूत अभियोजन प्रतिवेदन (Prosecution Report) तैयार करना।
ये विभाग हो रहे हैं शामिल
23 जून से 26 जून तक चलने वाले इस हाई-लेवल प्रशिक्षण में भारी संख्या में सुरक्षा और प्रशासनिक अमला हिस्सा ले रहा है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- SECL के वरिष्ठ अधिकारी, महाप्रबंधक (GM), एजेंट और प्रबंधक।
- क्षेत्रीय सुरक्षा नोडल अधिकारी।
- मानव संसाधन (HR) एवं सुरक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी।
- CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल), TSR और SISF (मध्य प्रदेश) के जवान व अधिकारी।

7974214821


