कोरबा | छत्तीसगढ़ में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। ऊर्जाधानी कोरबा में बढ़ती गर्मी और चुभती धूप से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह होते ही सूरज की किरणें आग उगलने लगती हैं, जिससे दोपहर तक हालात बेहद खराब हो रहे हैं।
45 डिग्री तापमान से थमी रफ्तार, सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात
नगर का अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है। दोपहर के समय नगर की मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। जो लोग अतिआवश्यक काम से बाहर निकल भी रहे हैं, वे टोपी, गमछा, दुपट्टा और चश्मे का सहारा ले रहे हैं।
घरों में भी राहत नहीं, कूलर-एसी हुए फेल
लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण लोग घरों के भीतर भी बेहाल हैं। पंखे, कूलर और एसी भी इस भीषण गर्मी में बेअसर साबित हो रहे हैं। उमस और गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
विशेषज्ञों की सलाह: इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि इन पर लू और डिहाइड्रेशन का असर सबसे तेजी से होता है।
मौसम के दोहरे मिजाज ने बढ़ाई डॉक्टरों की चिंता
इन दिनों मौसम का मिजाज भी हैरान करने वाला है। तेज धूप के बाद अचानक छाने वाले बादल या हल्की बूंदाबांदी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को चुनौती दे रही है। मौसम में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के कारण शहर में सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। अस्पताल और क्लीनिकों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित लोगों की भीड़ देखी जा सकती है।

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