कोरबा |कटघोरा/पाली: आषाढ़ का महीना लगते ही अंचल में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम बदलने से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं प्रशासन के विकास और जल निकासी के दावों की पहली ही बारिश ने हवा निकाल दी है। नगर के पाली-झाबर मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्थिति इतनी बदतर हो गई कि पूरी सड़क तालाब में तब्दील नजर आई।
आंधी-तूफान के साथ बदला मौसम का मिजाज
जिले में दोपहर के बाद अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी-तूफान और कड़कड़ाती आकाशीय बिजली के साथ झमाझम बारिश शुरू हुई। कुछ ही घंटों की इस तेज बारिश के कारण पाली रोड-झाबर मुख्य मार्ग पर पानी का सैलाब उमड़ पड़ा। सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रहा।
बंद होने लगी गाड़ियां, स्कूली बच्चे और राहगीर परेशान
निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सारा पानी सड़क पर ही जमा हो गया। इस दौरान वहां से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालकों को भारी मशक्कत करनी पड़ी; कई गाड़ियों के इंजन में पानी घुसने से वे बीच राह में ही बंद हो गईं।
- सबसे ज्यादा परेशानी पैदल यात्रियों और छुट्टी के बाद घर लौट रहे स्कूली बच्चों को हुई, जिन्हें गंदे पानी के बीच से मजबूरन गुजरना पड़ा।
- सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे पानी में पूरी तरह छिप गए हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों में आक्रोश:
“यह समस्या कोई नई नहीं है। हर साल मॉनसून आते ही इस मार्ग का यही हाल हो जाता है। प्रशासन और नगर निगम को बार-बार अवगत कराने के बाद भी आज तक जल निकासी का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। नालियों की सफाई सिर्फ कागजों पर होती है।”
इमलीछापर चौक का भी बुरा हाल
जलभराव की यह समस्या सिर्फ पाली-झाबर मार्ग तक ही सीमित नहीं रही। नगर के प्रमुख इमलीछापर चौक में भी ड्रेनेज सिस्टम फेल होने की वजह से भारी जलभराव देखा गया। यहाँ भी राहगीरों और दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अब देखना होगा कि पहली ही बारिश में बेनकाब हुई इस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन जागा या फिर क्षेत्र की जनता को इस पूरे सीजन ऐसे ही नरकीय हालातों से जूझना पड़ेगा।

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