सक्ती | जिला सक्ती के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिरली से पंचायती राज को कलंकित करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के उप सरपंच पर अपने पद का जमकर दुरुपयोग करने और उसकी आड़ में कई अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत के कोटवार ने सीधे कलेक्टर से इसकी लिखित शिकायत की है, जिसके बाद से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
कोटवार ने खोले उप सरपंच के ‘काले चिट्ठे’
ग्राम पंचायत सिरली के कोटवार मनीष जुलाहा ने कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में उप सरपंच खगेश्वर राठौर पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, उप सरपंच गांव की शासकीय और कोटवारी संपत्तियों को अपनी जागीर समझकर नुकसान पहुंचा रहा है।
लगाए गए प्रमुख आरोप:
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- शासकीय जमीन पर बेजा कब्जा: आरोप है कि उप सरपंच खगेश्वर राठौर ने गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे खेत में तब्दील कर दिया है। स्थिति यह है कि यदि इस कब्जे को नहीं हटाया गया, तो भविष्य में गांव के विकास कार्यों (जैसे स्कूल, अस्पताल या सामुदायिक भवन) के लिए जमीन ही नहीं बचेगी।
- रेत का अवैध खनन: शासन के नियमों को ताक पर रखकर उप सरपंच द्वारा ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा है।
- यूरिया और कीटनाशक की कालाबाजारी: एक तरफ सरकार किसानों को राहत देने के लिए कीटनाशक और खाद उपलब्ध करा रही है, वहीं दूसरी ओर उप सरपंच गांव में ही अवैध रूप से कीटनाशक और यूरिया की ऊंची कीमतों पर बिक्री कर रहा है।
- कोटवारी जमीन की खरीद-फरोख्त: शिकायत में यह भी बताया गया है कि उप सरपंच अपने सहयोगी किशन राठौर के साथ मिलकर कोटवारी (सरकारी सेवा भूमि) जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त के खेल में भी लिप्त है।
- अवैध ईंट भट्ठा संचालन: नियमों को दरकिनार कर गांव में मनमाने तरीके से ईंट भट्ठे का संचालन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है।
कड़ी कार्रवाई की मांग
कोटवार मनीष जुलाहा ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि उप सरपंच के इन तमाम अवैध कृत्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पद का दुरुपयोग करने के मामले में उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि शासकीय संपत्ति को बचाया जा सके।
अब देखना होगा कि इस हाई-प्रोफाइल शिकायत के बाद जिला प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम मामले की जांच के लिए कब तक सिरली पहुंचती है और आरोपी उप सरपंच पर क्या कार्रवाई की जाती है।

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