कोरबा | नई दिल्ली सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रों के लिए परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं। 10वीं का परिणाम जारी होने के बाद, बोर्ड ने अब ‘दूसरी परीक्षा’ (Second Exam) के लिए गाइडलाइंस और एफएक्यू (FAQs) जारी कर दिए हैं। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य छात्रों के तनाव को कम करना और उन्हें सुधार का बेहतर अवसर प्रदान करना है।
मैथ्स के लेवल में बदलाव की सुविधा
इस बार सबसे बड़ी राहत उन छात्रों को दी गई है जो गणित (Maths) के स्तर को लेकर असमंजस में थे। बोर्ड के अनुसार:
- जिन छात्रों ने पहली परीक्षा स्टैंडर्ड मैथ्स से दी थी, वे दूसरी परीक्षा बेसिक मैथ्स से दे सकते हैं।
- इसी तरह, पहली परीक्षा बेसिक मैथ्स से देने वाले छात्र दूसरी परीक्षा में स्टैंडर्ड मैथ्स का विकल्प चुन सकते हैं।
तीन अवसर और फ्रेश एनरोलमेंट
बोर्ड ने कंपार्टमेंट श्रेणी के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए अब एक के बजाय तीन अवसर देने का निर्णय लिया है, ताकि उनका साल खराब न हो। इसके अलावा, जिन छात्रों का नाम पहली परीक्षा की सूची में नहीं था, वे भी अब फीस जमा कर ‘फ्रेश एनरोलमेंट’ के जरिए दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां और शुल्क
स्कूलों को दूसरी परीक्षा के लिए छात्रों की सूची और फीस 20 अप्रैल तक जमा करनी होगी।
- भारतीय छात्र: ₹320 प्रति पेपर (तीन पेपर के लिए ₹960)।
- लेट फीस: ₹2000 तक का अतिरिक्त शुल्क।
- पात्रता: इंप्रूवमेंट चाहने वाले छात्र, कंपार्टमेंट वाले छात्र और खेलकूद प्रतियोगिताओं के कारण परीक्षा न दे पाने वाले छात्र इसमें शामिल हो सकते हैं।
स्पोर्ट्स कोटे के छात्रों को विशेष लाभ
जो छात्र किसी भी खेल प्रतियोगिता (Sports Competition) में भाग लेने के कारण पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे, वे इस दूसरी परीक्षा के लिए पूरी तरह पात्र होंगे। हालांकि, उन्हें निर्धारित फीस जमा करनी होगी।
रिजल्ट और रीवैल्यूएशन
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन करता है लेकिन अनुपस्थित (Absent) रहता है, तो उसका पहली परीक्षा का परिणाम ही मान्य होगा। दोनों परीक्षाओं के लिए रीवैल्यूएशन (Revaluation) की सुविधा दूसरी परीक्षा का परिणाम आने के बाद ही ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसके बाद ही छात्र 11वीं कक्षा के विषयों का अंतिम चयन कर पाएंगे।
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
- अधिकतम पेपर: छात्र अधिकतम तीन पेपर ही दे पाएंगे।
- सेंटर अलॉटमेंट: प्राइवेट छात्रों को परीक्षा केंद्र का चयन सावधानी से करना होगा, क्योंकि एक बार सेंटर अलॉट होने के बाद बदलाव संभव नहीं होगा।
- वर्ष 2024 के छात्र: साल 2024 में कंपार्टमेंट वाले छात्र भी इस दूसरी परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे।

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