कोरबा | समाचार डेस्क छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों के बीच ‘हीट हेडेक’ यानी गर्मी से होने वाले सिरदर्द की समस्या एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि सीधी धूप के संपर्क में आने से न केवल सिरदर्द, बल्कि हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है।
⚠️ क्यों हो रहा है हीट हेडेक?
चिकित्सकों के अनुसार, गर्मी के दौरान सिरदर्द बढ़ने के कई अंतर्निहित कारण हो सकते हैं:
- निर्जलीकरण (Dehydration): पसीने के माध्यम से शरीर का पानी कम होना माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द को ट्रिगर करता है।
- हार्मोनल बदलाव: उच्च तापमान शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को प्रभावित करता है, जिससे सिर में तेज दर्द हो सकता है।
- पर्यावरणीय कारण: बढ़ता प्रदूषण और तेज धूप का सीधा संपर्क।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि आपको धूप से आने के बाद निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह ‘दिमाग की गर्मी’ या हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकते हैं:
- सिर के एक हिस्से या पूरे सिर में तेज धड़कता हुआ दर्द।
- चक्कर आना, मतली या उल्टी महसूस होना।
- अत्यधिक पसीना आना और चिड़चिड़ापन।
- ब्रेन फॉग: ध्यान केंद्रित करने में कमी महसूस होना।
- सिर में जलन या आंखों के सामने अंधेरा छाना।
🛡️ बचाव के लिए डॉक्टरी सलाह
जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
“धूप में निकलते समय सिर पर कपड़ा (तौलिया/स्कार्फ) जरूर बांधें और आंखों पर चश्मा लगाएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। यदि सिरदर्द के साथ चक्कर आने की समस्या बढ़े, तो इसे सामान्य थकावट न समझें और तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।”
❗ हीट एग्जास्टशन से हीट स्ट्रोक तक का खतरा
लंबे समय तक धूप में रहने से हीट एग्जास्टशन की स्थिति बनती है। यदि समय रहते उपचार न मिले या शरीर को ठंडा न किया जाए, तो यह हीट स्ट्रोक का रूप ले सकती है, जो एक गंभीर चिकित्सीय आपातकाल है।

7974214821


